Saturday, 10 October 2015

फिल्म तलवार पर क्या कहते हैं समीक्षक






फिल्म का एक संवाद याद दिलाता है कि आंखों पर पट्टी बांधे हुए न्याय की देवी के हाथों में केवल तराजू नहीं तलवार भी है। फिल्म एक माता-पिता द्वारा अपनी पुत्री श्रुति और नौकर खेमपाल की हत्या का केस सीबीआई को सौंपे जाने के साथ शुरू होती है।

अफसर अश्विनी कुमार इस मामले को तथ्यों की नई रोशनी में देखता है और एक-एक करके हत्याकांड के संदिग्ध नए चेहरे उभरने लगते हैं। फिल्म में एक जांच अधिकारी अपने साथियों से कहता है कि उन्हें काम करते हुए भावनाओं में नहीं बहना चाहिए और तटस्थ होकर कर्म करना चाहिए।

लेकिन निर्देशक मेघना गुलजार और निर्माता विशाल भारद्वाज का झुकाव राजेश-नूपुर तलवार दंपति के पक्ष में साफ दिखता है। फिल्म उन संजीदा दर्शकों के लिए है, जिनकी दिलचस्पी यह जानने में है कि आखिर हमारी पुलिस तथा जांच एजेंसियां कैसे काम करती हैं।

अगर आपकी दिलचस्पी इस कहानी में है, तो आगे की स्लाइड में जानिए, देश के प्रतिष्ठित समीक्षकों की कसौटी पर फिल्म कितनी खरी उतरी। किस समीक्षक ने फिल्म को लेकर क्या राय रखी। किस समीक्षक ने फिल्म को कितने स्टार दिए।

हमारी नजरों में मेघना गुलजार और विशाल भारद्वाज ने एक सार्थक विषय पर बेहतर प्रयास किया है। हम फिल्म को देते हैं,� ***1/2 (साढ़े तीन स्टार)। लेकिन देश के अन्य समीक्षकों की नजर में कैसी है ये फिल्म? फिल्म समीक्षा के बड़े नाम सीएनएन आईबीएन के राजीव मसंद इस फिल्म को मस्ट वाच बताया है।

आईएमबीडी ने फिल्म को 10 में से 8.1 अंक दिए हैं। उनकी समीक्षा यहां पढ़ें। बॉलीवुड हंगामा डॉट कॉम पर तरण आदर्श ने फिल्म को� ***1/2 (साढ़े तीन स्टार) दिए हैं। उनकी समीक्षा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। समीक्षक अनुपमा चोपड़ा भी इसे� ***1/2 (साढ़े तीन स्टार) देती हैं।

इंडिया टुडे ने कहा है कि फिल्म आरुषि हत्याकांड को फिर से खोलती है। इन्होंने फिल्म को ***1/2 (साढ़े तीन स्टार) दिए हैं। उनकी पूरी समीक्षा यहां पढ़ें। फर्स्टपोस्ट डॉट कॉम ने इसे मस्ट वाच बचाया है। पूरी समीक्षा यहां पढ़ें। मिड डे ने फिल्म को� **** (चार स्टार) दिए हैं। ये रही उनकी समीक्षा। दि टाइम्स ऑफ इंडिया ने फिल्‍म को ****1/2 (साढ़े चार स्टार) दिया है। उनकी समीक्षा ये रही। मुंबई मिरर ने तलवार को ****1/2 (साढ़े चार स्टार) दिए हैं। समीक्षा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

स्क्रॉल डॉट इंन के मुताबिक यह फिल्म तलवार दंपत्ति को न्याय दिलाने के अभियान में एक और कदम है। उनकी समीक्षा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। रियूटर के अनुसार फिल्म आरुषि मामले को नये सिरे से देखने को मजबूर करती है। उनकी समीक्षा ये रही। एनडीटीवी ने फिल्म को मस्ट वाच बताया है। उन्होंने फिल्म की ऐसी समीक्षा की है। दि हफींटन पोस्ट ने तलवार को सार्थक फिल्म बताया है। ये रही उनकी समीक्षा। डीएनए कहता है कि यह फिल्म देखना जरूरी है। इसे जरूर देखा जाना चाहिए। ये है उनकी समीक्षा।

ये रहीं हिन्दी की समीक्षाएं। पहले ही बता चुके हैं, हमने फिल्म को ***1/2 (साढ़े तीन स्टार) दिए हैं। हमारी पूरी समीक्षा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। एबीपी न्यूज ने इसे बेहतरीन फिल्म बताया है। उनकी समीक्षा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आज तक ने फिल्म को 3 स्टार दिया है। उनकी समीक्षा ये रही।

No comments:

Post a Comment